हिमाचल विधानसभा: डेढ़ साल में मंत्रियों, विधायकों और 228 अधिकारियों ने किए विदेश दौरे, सरकार ने दी जानकारी


शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सरकार ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों के विदेश दौरों को लेकर जानकारी साझा की है। सरकार के अनुसार जनवरी 2023 से जुलाई 2025 के बीच मंत्रियों, विधायकों सहित विभिन्न विभागों के 228 अधिकारियों ने सरकारी कार्यक्रमों के तहत विदेश दौरे किए।
निवेश, पर्यटन और आधुनिक तकनीक रहे दौरे के उद्देश्य:
सरकार ने बताया कि इन विदेश दौरों का उद्देश्य निवेश आकर्षित करना, पर्यटन और रोपवे परियोजनाओं का अध्ययन करना, हरित परिवहन को बढ़ावा देना, बागवानी और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को समझना और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाना रहा।
भाजपा विधायक राकेश जमवाल और रणधीर शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में सरकार ने बताया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में दिसंबर 2023 में एक प्रतिनिधिमंडल ने दुबई का दौरा किया था। इसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं तलाशना और निवेशकों को आकर्षित करना था। इस यात्रा पर 11.73 लाख रुपये खर्च हुए।
ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड भी गया प्रतिनिधिमंडल:
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री सहित अधिकारियों के एक दल ने ऑस्ट्रिया और स्विट्जरलैंड का दौरा किया। इस दौरान रोपवे तकनीक, निवेश की संभावनाओं और आधुनिक परिवहन प्रणालियों का अध्ययन किया गया। इस दौरे पर 37.72 लाख रुपये खर्च हुए।
वहीं, एचआरटीसी अधिकारियों ने जनवरी 2024 में ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक बसों के संचालन, चार्जिंग स्टेशन और ई-टिकटिंग व्यवस्था का अध्ययन करना था। इस यात्रा का खर्च एचआरटीसी की निधि से किया गया।
बागवानी और कृषि क्षेत्र से सबसे ज्यादा प्रतिनिधित्व:
विदेश दौरों में बागवानी और कृषि क्षेत्र से जुड़े मंत्रियों, अधिकारियों और वैज्ञानिकों की संख्या अधिक रही। नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, फ्रांस, जॉर्जिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस और थाईलैंड सहित कई देशों में आधुनिक खेती, स्मार्ट फार्मिंग, पौध स्वास्थ्य और जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीकों का अध्ययन किया गया।
सरकार के अनुसार कई यात्राओं का खर्च विश्व बैंक समर्थित परियोजनाओं, एशियाई विकास बैंक, यूरोपीय संघ और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों ने वहन किया। कुछ दौरों से राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ा।
सरकारी अस्पतालों में स्टाफ नर्सों के 672 पद खाली:
विधानसभा में सरकार ने यह भी बताया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्टाफ नर्सों के 672 पद खाली हैं। स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने बताया कि भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के तहत 45 फीसदी पद सीधी भर्ती, 45 फीसदी बैचवाइज और 10 फीसदी पद पदोन्नति से भरे जाते हैं।
स्टाफ नर्सों की नियुक्ति छठे वेतनमान के तहत लेवल-9 में की जा रही है और नीति के अनुसार 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित है।
लौंट-लूहरी सड़क के लिए 3015 करोड़ की पांच परियोजनाएं:
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि लौंट-लूहरी को वर्ष 2012 में राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया गया था। इसे डबल लेन बनाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। वहीं, वर्तमान में 3015.35 करोड़ रुपये की पांच परियोजनाएं केंद्र की मंजूरी के लिए भेजी गई हैं।




