हिमाचल सरकार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश: सूचना आयोग के दोनों खाली पद दो सप्ताह में भरें, मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति के निर्देश


शिमला, 11 अगस्त। सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को राज्य सूचना आयोग में खाली पड़े मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्त के पदों पर दो सप्ताह के भीतर नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने सरकार को चयन प्रक्रिया पूरी कर परिणाम घोषित करने और अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को भी कहा है।मुख्य न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान लागू आदर्श आचार संहिता वैधानिक नियुक्तियों में बाधा नहीं बन सकती, विशेषकर तब जब नियुक्तियों के लिए अदालत की ओर से समयबद्ध निर्देश दिए गए हों।
प्रदेश सरकार की ओर से बताया गया था कि नगर निगम चुनाव के कारण लागू आदर्श आचार संहिता के चलते नियुक्तियों के परिणाम घोषित नहीं किए जा सके। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह के भीतर दोनों पद भरने के निर्देश दिए। साथ ही नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त और राज्य सूचना आयुक्तों का पूरा विवरण संबंधित राज्य सूचना आयोगों की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने को कहा।
यह आदेश अंजली भारद्वाज एवं अन्य बनाम भारत संघ मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया। मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी।सुप्रीम कोर्ट ने अन्य राज्यों में भी सूचना आयोगों में खाली पदों और लंबित मामलों को लेकर निर्देश जारी किए हैं। झारखंड में मुख्य सूचना आयुक्त समेत तीन पद खाली होने पर दो महीने में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। बिहार में करीब 36 हजार लंबित अपीलों और कम संख्या में आयुक्तों को लेकर अदालत ने नाराजगी जताते हुए अतिरिक्त पद सृजित करने के निर्देश दिए।
शीर्ष अदालत ने विभिन्न राज्यों को सूचना आयोगों में रिक्त पद जल्द भरने और लंबित मामलों के निस्तारण की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित हो सके।




